केदारताल ट्रैक पर फंसे 8 ट्रैकर्स में से दो के शव मिले, SDRF-NIM की टीम रेस्क्यू जारी रखेगी
उत्तरकाशी जिले के केदारताल ट्रैक पर पांच दिन से लापता आठ ट्रैकर्स की तलाश में जुटी रेस्क्यू टीम को मंगलवार को बड़ी सफलता मिली। मौसम साफ होने के बाद नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की संयुक्त टीम ने उच्च हिमालयी क्षेत्र में रेस्क्यू अभियान चलाया। इस दौरान टीम को एक महिला और एक पुरुष के शव बरामद हुए हैं। जिला प्रशासन ने दोनों शव मिलने की पुष्टि की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों शव केदारताल ट्रैक पर फंसे हुए आठ ट्रैकर्स के ही बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, पांच दिन पहले केदारताल ट्रैक पर कच्ची ढांग के समीप आठ ट्रैकर्स के फंसने की सूचना मिली थी। इसके बाद से ही प्रशासन, निम और एसडीआरएफ की टीमें लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई थीं। हालांकि, खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण रेस्क्यू अभियान संचालित करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। मौसम अनुकूल होने के बाद मंगलवार को टीम ने समुद्रतल से करीब चार हजार मीटर की ऊंचाई पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
अभियान के दौरान रेस्क्यू टीम को दो ट्रैकर्स के शव दिखाई दिए, जिसके बाद टीम ने उन्हें बरामद किया। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने दो शव मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि इनमें एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं। दोनों शवों को बुधवार को हेलिकॉप्टर के माध्यम से हर्षिल हेलीपैड लाया जाएगा। इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
छह अन्य ट्रैकर्स की तलाश में अभियान जारी
दो शव मिलने के बाद अब रेस्क्यू टीम के सामने शेष छह ट्रैकर्स को तलाशने की चुनौती है। हालांकि, दो लोगों के शव मिलने से अन्य ट्रैकर्स के सुरक्षित मिलने की उम्मीदें कमजोर पड़ती दिखाई दे रही हैं। इसके बावजूद निम और एसडीआरएफ की टीमों ने अभियान जारी रखने का निर्णय लिया है। बुधवार को भी दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा।
एसडीआरएफ के सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने बताया कि रेस्क्यू अभियान में जुटी टीम को अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने के लिए बुधवार को एक और टीम केदारखड़क भेजी जाएगी। यह टीम अपने साथ राशन, रसद और अन्य आवश्यक लाइफ सपोर्ट सामग्री लेकर जाएगी, ताकि ऊंचाई वाले क्षेत्र में अभियान चला रहे जवानों को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।
दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण है रेस्क्यू अभियान
केदारताल ट्रैक समुद्रतल से काफी ऊंचाई पर स्थित है और यहां का रास्ता बेहद दुर्गम है। कच्ची ढांग के आसपास का क्षेत्र भी रेस्क्यू टीम के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। ऊंचाई, मौसम में बदलाव और सीमित संसाधनों के बीच जवानों को सर्च ऑपरेशन चलाना पड़ रहा है। ऐसे में अतिरिक्त टीम और लाइफ सपोर्ट सामग्री भेजने की तैयारी की गई है।
फिलहाल प्रशासन और रेस्क्यू एजेंसियों की प्राथमिकता शेष छह ट्रैकर्स का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित निकालना है। बुधवार को चलने वाले अभियान से इस मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

